तीसरा खंबा: कसाब को पैरवी का अधिकार क्यों दें?
तीसरा खंबा: कसाब को पैरवी का अधिकार क्यों दें?
एक कसाब की बात क्या,प्रश्न बङा है दोस्त.
समानता अधिकार का, प्रश्न विकट है दोस्त.
प्रश्न विकट है दोस्त और दुश्मन तय करना.
भारत की शाश्वत-संस्कृति की रक्षा करना.
कह साधक इस चर्चा से जिनको लगता आघात.
उनका भी तो करो फ़ैसला, कसाब की क्या बात

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