Tuesday, December 23, 2008

महाजाल पर सुरेश चिपलूनकर (Suresh Chiplunkar): “मुगलिस्तान” और “लाल गलियारा” मिलकर तोड़ेंगे भारत को… (भाग-2)

महाजाल पर सुरेश चिपलूनकर (Suresh Chiplunkar): “मुगलिस्तान” और “लाल गलियारा” मिलकर तोड़ेंगे भारत को… (भाग-2)
जो सारा नुक्सान है, हिन्दू के सिर बोझ.
डुश्मन या सैलानी सब,क्या कर सकते सोच.
क्या कर सकते सोच, बचाना है निज घर को.
मुश्किल कितना भी हो, करना होगा खुद को.
कह साधक यह मुद्दा है अब परिवर्तन का.
हिन्दू करता आया कौशल परिवर्तन का.

Thursday, December 18, 2008

तीसरा खंबा: कसाब को पैरवी का अधिकार क्यों दें?

तीसरा खंबा: कसाब को पैरवी का अधिकार क्यों दें?
एक कसाब की बात क्या,प्रश्न बङा है दोस्त.
समानता अधिकार का, प्रश्न विकट है दोस्त.
प्रश्न विकट है दोस्त और दुश्मन तय करना.
भारत की शाश्वत-संस्कृति की रक्षा करना.
कह साधक इस चर्चा से जिनको लगता आघात.
उनका भी तो करो फ़ैसला, कसाब की क्या बात

Tuesday, December 16, 2008

सत्यार्थमित्र: एक सच्ची बात माननीय की…

सत्यार्थमित्र: एक सच्ची बात माननीय की…
क्या करना और क्या कहते हैं, जाने क्या हो जाता.
नेता की बस बात ना पूछो,कब क्या वह कर जाता.
कब क्या वह कर जाता, देश-धर्म बिक्री कर
क्या चलता है बी.जे.पी.-काँग्रेस के भीतर.
यह साधक चकरा जाता है सोच-सोच कर.
भले व्यक्ति को क्या हो जाता, नेता बनकर.