कर्मचारी के कर्म: उड़ीसा में छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों को हरी झंडी
कर्मचारी के कर्म: उड़ीसा में छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों को हरी झंडी
पब्लिक-धन की लूट है, जितना चाहे लूट.
सरकारें भी अपनी है, दे अपनों को छूट.
दे अपनों को छूट, रेवङी अँधा बाँटे.
देश भल्रे ड्बे, कितने ही हों फ़िर घाटे.
कह साधक कवि,सरकारी कर्मी को काम की छूट.
बिन मेहनत की डबल कमाई,पब्लिक-धन की लूट.

1 Comments:
baDhiyaa!!
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