छपास: क्या मैं काफिर हो गया हूं ?
छपास: क्या मैं काफिर हो गया हूं ?
अच्छा हो पढ ही लें, आप कुराने-पाक.
बाइबिल से भी हो सके,चिन्तन-धारा साफ.
चिन्तन-धारा साफ,कि दुनियाँ केवल उनकी.
जो ना माने उनको, बेहतर मृत्यु उनकी.
कह साधक कवि,लिखें बादमें पहले पढ लें
हिन्दू सारे कुरान को, अच्छा हो पढ लें.
गीता रामायण बचे, या फिर बचे कुरान.
मरो या मारो असुर को,कहते वेद-पुराण.
कहते वेद-पुराण, सभी अवतार बताते.
असुर मार थापहिं सुरन्ह, तुम रोज ही गाते.
कह साधक कवि,हिन्दु जगे तो बचे नारायण.
वरना ढूंढते रह जाओ गीता-रामायण.

6 Comments:
wah sadhak ji, wah,satya vachan
Bahut badiya.
baidya ji Aaj jab desh jal rha hai. aadmi aadmi ko leel rha hai. khan bcha hai khyal ved aur kurn ka. aaj to horha hai hisab jyada khoon bhane ka.
Apko Diwali Ki Shubh Kamnayen. Sara jag Jage aur SADBHAV ke sath rhe.
Ashutosh Pandey
insightstory.blogspot.com
अच्छा प्रयास है साधक जी
"अच्छा हो पढ ही लें, आप कुराने-पाक.
बाइबिल से भी हो सके,चिन्तन-धारा साफ."
You have put the mind of common man in very simple but with quite deep thought. Wish people of India and specially the leaders follow it.
बार बार जीवन की वास्तविकता का आभास करती आपकी रचनाएँ सच का प्रतिबिम्ब पतीत होती हैं। कभी मौका मिले तो देश चलने वालों की वास्तविकता को भी कलम के जरिये आवाज दीजियेगा। हमारा निमंत्रण हैं आपको कभी हमारे शहर में भी पधारियेगा। साथ मिलकर एक कविता को अंजाम देंगे।
आशुतोष पाण्डेय
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